ड्रोन कैमरे से होती थी फार्म हाउस की देखरेख, डीवीआर और हार्डडिस्क जब्त

भोपाल। इंदौर के आबकारी उपायुक्त आलोक कुमार खरे के रायसेन स्थित दोनों फार्म हाउस पर दूसरे दिन भी सुबह तक लोकायुक्त की कार्रवाई चलती रही। लोकायुक्त की टीम ने फार्म हाउस की ड्रोन और सीसीटीवी कैमरे से होेने वाली निगरानी से संबंधित जानकारी एकत्रित करने के लिए डीवीआर और हार्डडिस्क को भी जब्त कर लिया है। इनकी जांच आईटी इंजीनियर से कराई जाएगी। इसके साथ ही उनमें दर्ज हुए फुटेज को सबूत के तौर पर रखे जाएंगे


लोकायुक्त की टीम को रायसेन में 72 एकड़ जमीन से संबंधित दस्तावेज मिले हैं। दोनों फार्म हाउस में लगे अमरूद, संतरा, मौसंबी, गुलाब से होने वाली आय का आकलन उद्यानिकी विभाग से कराया जा रहा है। इसके साथ ही राजस्व विभाग द्वारा प्रापर्टी से संबंधित जानकारियां और उनके मूल्य का सत्यापन कराया जा रहा है। राजस्व और उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को सात दिन में अपनी रिपोर्ट लोकायुक्त विभाग को सौंपने के लिए कहा गया है।


फार्म हाउस में कई जगह लगे हुए हैं सीसीटीवी कैमरे : रायसेन में चौपड़ा के पास मासेर रोड पर बने लक्जरी फार्म हाउस की निगरानी के लिए ड्रोन का भी उपयोग किया जा रहा था। इसके अलावा फार्म हाउस में कई जगह सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए हैं। इनसे फार्म हाउस पर आने-जाने वाले हर शख्स की रिकार्डिंग्स की जा रही थी। ऐसी ही स्थिति डाबर इमलिया के फार्म हाउस की भी है, उसकी निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। इन दोनों स्थानों से लोकायुक्त ने डीबीआर और हार्ड डिस्क को अपने कब्जे में ले लिया है, ताकि उनमें मौजूद फुटेज के आधार पर जानकारियां जुटाई जा सकें।